बन गया वो गैर "आज़म" से नहीं अपना रहा। बन गया वो गैर "आज़म" से नहीं अपना रहा।
जिंदगी के पन्ने लिखते लिखते, आयेगा एक मुकाम ऐसा भी के अब थक चुकी होउंगी मैं भी.. जिंदगी के पन्ने लिखते लिखते, आयेगा एक मुकाम ऐसा भी के अब थक चुकी होउंगी मैं ...
कोई तुमसे पूछे, कौन हूँ मैं, तुम कह देना कोई खास नहीं। कोई तुमसे पूछे, कौन हूँ मैं, तुम कह देना कोई खास नहीं।
तब माँ भारती का नाम होठों पर और तिरंगा मेरे हाथ रहे। तब माँ भारती का नाम होठों पर और तिरंगा मेरे हाथ रहे।
और वो ' अनजान सफ़र ' सदा के लिए 'जीवन सफर' बन अविस्मरणीय हो जाता है। और वो ' अनजान सफ़र ' सदा के लिए 'जीवन सफर' बन अविस्मरणीय हो जाता है।
अगर समय रहते नहीं पाई आपने इससे मुक्ति, बचाने सृष्टि काम ना आयेगी कोई आपकी युक्ति। अगर समय रहते नहीं पाई आपने इससे मुक्ति, बचाने सृष्टि काम ना आयेगी कोई आपकी यु...